
सीरिया में पहले केमिकल के हमले करवाये फिर जवाब के बहाने मिसाइल हमले शुरू कर दिए.अमेरिका के जालिम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर मिसाइल हमले का आदेश दिया है। इस कार्रवाई में अमेरिका के साथ फ्रांस और ब्रिटेन भी शामिल है। सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं।इस हमले में सैकड़ो लोग ज़ख्मी हुई है ओर मारे गए हैं।
सीरिया पर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने संयुक्त हमला किया है। मिसाइल हमलों के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने ट्वीट कर कहा कि अच्छी आत्माओं को दबाया नहीं जा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम दिये संबोधन में कहा है कि फ्रांस और यूके की सेनाओं के साथ सशस्त्र ऑपरेशन चल रहा है।उन्होंने कहा कि सीरिया की सरकार के रासायनिक हथियार बनाने के ठिकानों पर हमले के आदेश दिये गए हैं। हमारा उद्देश्य केमिकल हथियारों के प्रयोग पर अंकुश लगाना है। ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के बारे में वही कहा जो दुनिया उनको समझ रही हैं कहा कि यह किसी इंसान के नहीं बल्कि शैतान के अपराध हैं।
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते सीरिया के डूमा में केमिकल हमला हुआ था जिसकी चपेट में 500 लोग आ गए थे। ट्रंप ने इस हमले का आरोप सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर लगाया था। वहीं ब्रिटेन की पीएम टेरीजा मे ने भी सीरिया पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमारे पास शक्ति प्रयोग के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद सत्ता परिवर्तन नहीं है।
आपको बता दें कि रूस ने पहले ही चेताया था कि सीरिया के खिलाफ पश्चिमी देशों की तरफ से युद्ध शुरू हो सकता है। हालांकि अब रूस ने सीरिया पर हुए हमले के विरोध में कड़ा रुख अख्तियार किया है। अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा कि व्लादीमीर पुतिन का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने कहा है कि हम यूएन सिक्योरिटी काउंसिल का एक आपातकालीन सत्र बुलाएंगे।