
संस्थान के प्रवक्ता के मुताबिक पिछले बैचों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रयोगशाला जंतुओं की देखभाल एवं प्रबंधन तथा प्रायोगिक तकनीकों में कौशल विकास एवं माइक्रोस्कोपी (इलेक्ट्रॉन कॉन्फोकल एवं इंट्रावाइटल माइक्रोस्कोपी) और फ्लो साइटोमेट्री में कौशल विकास पाठ्यक्रम के नए बैच शुरू किए जा रहे हैं।
तहलका टुडे टीम /अली मुस्तफ़ा
लखनऊ,हेल्थकेयर, ड्रग एंड फार्मास्युटिकल सेक्टर में रोजगार के लिए सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान लखनऊ कई तरह के नए रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रहा है। स्किल इंडिया कार्यक्रम के तहत सीडीआरआई द्वारा भारत सरकार के कौशल विकास कार्यक्रम के तहत संचालित कार्यक्रमों में उन्नत स्पेक्ट्रोस्कोपिक तकनीकों (एनएमआर, मास, यूवी/आईआर) में कौशल विकास, माइक्रोस्कोपी (इलेक्ट्रॉन, कॉन्फोकल एवं इंट्रावाइटल माइक्रोस्कोपी) और फ्लो साइटोमेट्री में कौशल विकास, प्रयोगशाला जंतुओं की देखभाल एवं प्रबंधन तथा प्रायोगिक तकनीकों में कौशल विकास, ड्रग डिजाइन एंड डेवलपमेंट के लिए कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण के लिए कौशल विकास जैसे कई पाठ्यक्रम प्रमुख हैं।
ये रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम हेल्थकेयर सेक्टर, ड्रग एंड फार्मास्युटिकल सेक्टर में रोजगार हासिल करने में मददगार साबित हो सकते हैं। विशेष रूप से विज्ञान में स्नातक व परास्नातक युवाओं के लिए यह बेहद लाभकारी हैं। छह से आठ सप्ताह की अवधि के इन पाठ्यक्रमों को सीडीआरआई के अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के निर्देशन में संचालित किया जाता है।
इंटरमीडिएट और ग्रेजुएट ले सकते हैं प्रशिक्षण
संस्थान के प्रवक्ता के मुताबिक पिछले बैचों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रयोगशाला जंतुओं की देखभाल एवं प्रबंधन तथा प्रायोगिक तकनीकों में कौशल विकास एवं माइक्रोस्कोपी (इलेक्ट्रॉन, कॉन्फोकल एवं इंट्रावाइटल माइक्रोस्कोपी) और फ्लो साइटोमेट्री में कौशल विकास पाठ्यक्रम के नए बैच शुरू किए जा रहे हैं। प्रयोगशाला जन्तु संबंधी पाठ्यक्रम के लिए इंटरमीडिएट या इस से अधिक और माइक्रोस्कोपी पाठ्यक्रम के लिए स्नातक या उस से अधिक होना चाहिए।
कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी जरूरी
इन पाठ्यक्रमों के लिए कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान अनिवार्य है। कौशल विकास कार्यक्रम के लिए आवेदन ऑनलाइन जमा किया जाता है जिसकी जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर समय समय पर दी जाती है।