भारत में ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक भाषाई और सभ्यता संबंधों पर जोर,रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और आमिर हातमी की तेहरान में बैठक,इज़राईल अमेरिका में हड़कंप,चायना की बढ़ी धड़कन
तेहरान/ईरान :- रूस की सफलता के बाद ईरान पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तेहरान में रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल आमिर हाशमी के साथ बैठक की। बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बैठक काफी सफल रही। हमने अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों और डीपी क्षेत्र सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की रक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया
जिसके बाद यह द्विपक्षीय बैठक हुई दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच बैठक सौहार्दपूर्ण और गर्मजोशी के साथ हुई दोनों नेताओं ने भारत में ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक भाषाई और सभ्यता संबंधों पर जोर दिया दोनों रक्षा मंत्रियों ने द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की और अफगानिस्तान में शांति और स्थित अस्थिरता सहित क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया।
तेहरान दौरे से चीन और पाकिस्तान को झटका देने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, राजनाथ का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के जवाब में भारत ईरान के चाबहार बंदरगाह को विकसित कर रहा है। इसके रास्ते भारत न केवल अपनी सामरिक बल्कि आर्थिक हितों को भी साधेगा। वहीं, हाल ही में चीन ने ईरान के साथ अरबों डॉलर का सौदा किया था। ऐसे में अगर भारत चीन के खिलाफ ईरान को मना लेता है तो यह बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी। चाबहार पोर्ट के ऑपरेशनल हो जाने से भारत अपना कारोबार अफगानिस्तान और ईरान से कई गुना बढ़ा चुका है।
अब भारत की नजर इस बंदरगाह के जरिये रूस, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान से अपने व्यापार को बढ़ाना है। इसके जरिए हथियारों की खरीद के कारण रूस से बढ़ रहे व्यापार घाटे को भी कम करने में भारत को मदद मिल सकती है। साथ ही कट्टर शिया देश होने के कारण पाकिस्तान और ईरान के रिश्ते भी अच्छे नहीं है। ऐसे में ईरान के रास्ते भारत व्यापार के नए आयाम स्थापित करने की तैयारी में है। इससे भारी दबाव से गुजर रही ईरानी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
भारत ईरान की इस बैठक से इज़रायल अमेरिका में हड़कंप मच गया है और चाइना की धड़कन भी।